Friday, 30 May, 2008

हमारी ख़ाक में मिलती तमन्ना देखते जाओ: राग हंसकिंकिनी पर आधारित एक गीत

लीजिये आज एक बार फिर शास्त्रीय संगीत पर आधारित एक खूबसूरत गीत.. फिल्म नया ज़माना (1957)। यह गाना राग हंसकंकिनी/कंकिनी पर आधारित है। इस गीत की सबसे बढ़िया बातें है वो है स्व. प्रेम धवन का एकदम बढ़िया गीत और उतना ही बढ़िया कनु घोष का संगीत।

यह गीत फिल्म नया जमाना  का है, जिसमें मुख्य भूमिकायें माला सिन्हा और प्रदीप कुमार  ने निभाई थी। इस गीत को गाया है  लता जी ने। लीजिये आनन्द उठाईये इस मधुर गीत का।

 

कहाँ जाते हो,
टूटा दिल, हमारा देखते जाओ
किए जाते हो हमको
बेसहारा देखते जाओ
कहाँ जाते हो...
करूँ तो क्या करूँ
अब मैं तुम्हारी इस निशानी को
अधूरी रह गई अपनी
तमन्ना देखते जाओ
कहाँ जाते हो...
कली खिलने भी ना पाई
बहारें रूठ कर चल दी
दिया क़िस्मत ने कैसा
हमको धोखा देखते जाओ
कहाँ जाते हो...
तमन्ना थी की दम निकले
हमारा तेरी बाहों में
हमारी ख़ाक में मिलती
तमन्ना देखते जाओ
कहाँ जाते हो..

4 comments:

yunus said...

सुंदर गीत ।
मज़ा आ गया ।
रिदम स्टिंग्‍स गायकी सब के सब अनूठे ।

anitakumar said...

waah

sanjay patel said...

बहुत सादा अंदाज़ की धुन है ।
राग हसध्वनि का नाम तो सुना था हँसककिनि पहली बार सुना । कनु दा का ख़ूबसूरत कारनामा है ये।


टीप:सागर भाई रेडियोनामा पर दिन भर से कोशिक कर रहा हूं…टिप्पणी नहीं हो पा रही ।
युनूस भाई को समस किया,सुरेश भाई (चिपलूणकर) को पूछा …उन्होने भी कहा ये दिक़्कत है रेडियोनामा पर…ज़रा जाँच लीजियेगा

श्रद्धा जैन said...

bahut saadi dhun aur bahut achhe sabad
bahut dhanaywad ji