Friday, 23 May, 2008

लाई किस्मत आँसुओं का जाम क्यूं..?

लुट गया दिन रात का आराम क्यूं- ए मुहब्बत  तेरा ये अंजाम क्यूं

महफिल में आज सुनिये 1949 में बनी  फिल्म लेख का एक  मधुर और बहुत कम  सुना जाने वाला गीत, लुट गया..। इस फिल्म के गायक है स्व. मुकेश और फिल्म के गीतकार- संगीतकार क्रमश: कमर जलालाबादी और कृष्ण दयाल हैं। फिल्म के मुख्य कलाकार हैं मोतीलाल, सुरैया, सितारादेवी और कुक्कू।

 

 

लुट गया दिन रात का आराम क्यूं
ऐ मुहब्बत तेरा ये अंजाम क्यूं

हमने मांगी थी मुहब्बत की शराब
लाई किस्मत आंसुओं का जाम क्यूं..लुट गया

दिल समझता है के तू है बेवफ़ा
आ रहा है लब पे तेरा नाम क्यूं..

लुट गया दिन रात का आराम क्यूं
ऐ मुहब्बत तेरा ये अंजाम क्यूं

 

5 comments:

मीत said...

क्या बात है सागर भाई. बहुत दिनों बाद सुना ये गीत. ये गीत मेरे पास LP रेकॉर्ड पे है. और turn table ख़राब पड़ा है ज़माने से. क्या करूं ? बहरहाल, शुक्रिया ...... आप की दुआ से सारे गीत सुनने को मिल ही जाते हैं.

शायदा said...

बहुत पुराना और सुंदर गीत सुनवाया आपने। अच्‍छा लगा।

mehek said...

bahut sundar

Neeraj Rohilla said...

सागरजी,

इस गीत ने तो सबका मन लूट लिया होगा । आगे भी आप ऐसे ही खजाने लाते रहें ।

Harshad Jangla said...

Sagarbhai
A rare song, nice one.

Thanx.
-Harshad Jangla
Atlanta, USA