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Friday 25 October 2013

आज मिले मन के मीत: मन्ना दा का सुन्दर गीत


 रोज सुबह उठते ही मेरा सबसे पहला काम होता है या तो रेडियो सुनना या टीवी पर समाचार देखना, कल सुबह जैसे ही टीवी चालू किया... दिल धक्‍क रह गया। सामने स्क्रीन पर लिखा हुआ दिख रहा था सुप्रसिद्ध गायक मन्‍ना दा नहीं रहे! 

पूरे समाचार को देखते और बीच-बीच में दिखाए जा रहे गानों को देखते-सुनते हुए आँखें नम हो गई। मन्‍ना दा जैसे महान गायक और संगीतकार ने अपनी जिन्दगी खूब जी। 90 वर्ष की उम्र तक स्टेज पर गाते दिखाई देते रहे, इस उम्र में भी उनका जोश और संगीत के प्रति प्रेम कम होते नहीं दिखा। 

जाना तो एक दिन सबको है, मन्‍ना दा भी गये लेकिन हमारा मोह हमारे अपनों से कम नहीं होता। बचपन से मन्‍ना दा के गाने सुनते हुए हम उन्हें अपना समझने लगे थे।  

मन्‍ना दा ने हजारों गीत गाये जिनमें से ज्यादातर गीत हम सब अक्सर रेडियो, टीवी और बाद में इन्टरनेट और यूट्‍यूब की वजह से देख और सुन पा रहे हैं; लेकिन आज भी कुछ गीत ऐसे हैं जिन्में मन्‍ना दा के प्रशंसकों ने नहीं सुने होंगे।

पहली बार मन्‍ना दा के गाये इस गीत को मैने लगभग चार-पाँच साल पहले सुना था तभी इस गीत को महफिल में पोस्ट करने की इच्छा थी, लेकिन पहले तो आलस्य और फिर फेसबुक के चलन की वजह से यह गीत टलता ही गया। बाद में और भी गीत पोस्ट हुए लेकिन यह गीत तो पोस्ट करने का कभी मौका मिला ही नहीं।

बड़ा दु:ख हो रहा है कि आज मुझे मन्‍ना दा  के जाने के बाद यह गीत पोस्ट करना पड़ रहा है।
आज मन्‍ना दा को सादर प्रणाम करते हुए यह गीत पोस्ट कर रहा हूँ, जिसे मन्‍ना दा ने फिल्म "नवाब सिराजुद्दोला" (1967)के लिए "मदन मोहन" के संगीत निर्देशन में इसे गाया है।

मन्ना दा के गाये और संगीतबद्ध कुछ और दुर्लभ गीत

Sunday 10 February 2013

मैं तो गारी दूंगी: लताजी-अनिलदा का एक और सुन्दर गीत

मैने महफिल में अब तक सबसे ज्यादा किसी संगीतकार के गीतों को सुनवाया है तो वे हैं "अनिल विश्वास (अनिलदा)। कई गीत सुनवाने के बाद भी लगता है अभी बहुत से गीत हैं जो संगीत रसिकों के कानों से बहुत दूर हैं। मैं ऐसे ही गानों को खोजता रहता हूँ, जिनकी चर्चा कहीं नहीं होती या अगर होती हो तो बहुत ही कम।  
इस श्रेणी में आज एक बार फिर से अनिलदा और लताजी का गाया गीत प्रस्तुत है, इस गीत में लता जी का साथ दिया है तलत महमूद ने, लेकिन उनके हिस्से में सिर्फ चार लाईने आई हैं। लेकिन लता जी ने अपनी आवाज का कमाल इस गीत में किया है वह काबिल-ए-तारीफ़ है। 
यह गीत उन गीतों में से है जहाँ कलाकारों को साँस लेने के लिए एक सैकण्ड रुकना भी मुश्किल हो जाता है। और ज्यादा बोर नहीं करूंगा, बस आप तो गाना सुनिए और दाद दीजिए उन सभी महान कलाकारों को जो इस गीत से जुड़े हैं।  
यह गीत है फिल्म जलियाँ वाला बाग की ज्योति का और इस गीत के गीतकार हैं उद्धव कुमार
लता: मुख से ना मोलू, अखियां ना खोलूं
मुख से ना बोलूं

मोहे जो सताओ बलमा, मोहे जो सताओ
मैं तो गारी दूंगी

लपट-झपट मोरी घुंघराली लट से
उलझ ना नटखट,
पलट-पलट के देख ना मोहे

तोरे मन में कपट है
चल हट चल हट पास ना
मैं तो गारी दूंगी
मुख से ना बोलूं-अखियां ना खोलूं

तलत: दिल तो हमारा तेरे नैनों का मारा
तुझ बिन होगा कैसे गुज़ारा-२


लता: जिया ना जलाओ बलमा
जिया ना जलाओ

मैं तो गारी दूंगी

मीत लंगर तू तो आठ प्रहर

मोरे घर के डगर में ठहर ठहर
मो पे डाले है नजर

है सबको खबर

तू है बड़ा बेसबर

झूठी बात ना बना

मैं तो गारी दूंगी

मुख से ना मोलू,
अखियां ना खोलूं


तलत: मुख ना दिखाऊं तेरे दर पे ना आऊं

जा के अकेले कहीं आँसू बहाऊं-२

लता: छोड़ के जो जाओ
बलमा-छोड़ के जो जाओ

मैं तो गारी दूंगी
हाय हाय रे अनाड़ी

मोरी खिली फुलवारी
तूने घर में उजारी
मैं तो हारी-हारी-हारी
सुन कसम से हारी

मैं तो तुझपे हूं वारी
सुन विनती
हमारी
मोहे छोड़ के ना जा
मैं तो गारी दूंगी, मुख से ना बोलू
मोहे जो सताओ ,
मैं तो गारी दूंगी
मुख से ना बोलूं....

Song: Mukh se na bolu
Singer(s): Lata Mangeshker &  Talat Mahamood
Film: Jaliyan Wala Bagh ki jyoti
Music : Anil Vishwas
Lyric: Uddhav Kumar
More Songs from this movie
Tere Naam Ka Mahi Saari Duniya_Meena Kapoor
Kya Tera Mera Mel Pardesi_Meena Kapoor
Mohabbat Phool Ki Bhanwre Ko_Rajkumari
Mat ro dharti Mata,
Jano Na Jano Piya Main Toh Chali Re_Lata Mangeshker
Khamosh Jaamon se_Rajkumari

Saturday 2 February 2013

माँ तेरी ममता कितनी प्यारी: मन्नाडे का कम चर्चित गीत

कम चर्चित या अनसुने गीतों की श्रेणी में आज प्रस्तुत है कमल मित्रा द्वारा संगीतबद्ध एवं मन्नाडे द्वारा गाया हुआ एक गीत। सुप्रसिद्ध गायक मन्नाडे के गाए हुए अभी भी बहुत से ऐसे कई गीत हैं जिन्हें मन्नादा के प्रशंसकों ने नहीं सुने हों उनमें से एक गीत यह भी है। 
कमल मित्रा के बारे में कहीं कोई खास जानकारी नहीं मिली। “धुनों की यात्रा” को गूगल बुक्स से पढ़ने पर आधे से ज्यादा पन्ने गायब हो जाते हैं। सो अगर मित्राजी पर लेख होगा तो भी पता नहीं। कमल मित्रा ने प्रस्तुत गीत की फिल्म बनारसी बाला के अलावा और किसी हिन्दी फिल्म में संगीत दिया हो यह जानकारी नहीं मिलती।
प्रस्तुत गीत फिल्म बनारसी बाला का है, इस गीत के गीतकार हैं पं. फणी।

माँ तेरी ममता कितनी प्यारी कितना प्यार जताती है -२
माँ तेरी ममता....
श्वास श्वास की रक्षा करती-२
पग पग प्राण बचाती है
कितना प्यार जताती है
तू ऋषियों की ऋद्धि-सिद्धी
तू ब्रह्मा की भक्ति मां,
तू विष्णु की माया देवी
तू शंकर की शक्ति मां
तू माँ सोते भाग जगाने भागी भागी आती है
कितना प्यार जताती है
तू काली, महाकाली दूर्गा
तू ही बाल भवानी है
तू पुराणों का सार शारदा
तू वेदों की वाणी है
तू बालक को गोद में लेकर जीवन गीत सुनाती है
कितना प्यार जताती है
माँ तेरी ममता कितनी प्यारी
कितना प्यार जताती है

मन्नाडे का एक और बहुत ही दुर्लभ गीत बहुत जल्दी
Song: Ma teri mamta kitani pyari
Film: Banarasi Bala
Singer: Manna Dey
Music: Kamal Mitra
Lyric: Pt. Phani

Thursday 31 January 2013

भूखा हमें जगाता मगर कभी भूखा हमें सुलाता नहीं: सी. रामचन्द्र का एक मधुर गीत


सी रामचन्द्र और लता जी की जोड़ी ने एक से एक मधुर और सुन्दर गीत हमें दिए, पर संयोग से महफिल ब्लॉग में इस जोड़ी का अब तक एक ही गीत आ पाया है। शायद लता जी सी रामचन्द्र के अधिकतम गीतों का बेहद लोकप्रिय होना इस का सबसे बड़ा कारण रहा कि उनके कम चर्चित गीतों को खोजना बहुत मुश्किल है। लता जी और सी रामचन्द्र की जोड़ी के लिए पंकज राग अपनी पुस्तक धुनों की यात्रा में लिखते हैं।
दर असल लता के साथ सी रामचन्द्र का रिश्ता मात्र व्यवसायिक ना रहकर बेहद आत्मीय मधुर संबधों का हो गया था। सी रामचन्द्र मात्र लता की आवाज को तराशने तक ही नहीं, बल्कि भावनाओं को गीत की आत्मा में लता के स्वर में इतने मन से रचाने बसाने में सफल रहे कि उनके संगीत -निर्देशन में लता के गाए गीत आज भी मिसाल की तरह याद किए जाते हैं।
तो आज मैने खोज निकाला है लता जी और सी रामचन्द्र की जोड़ी का एक बहुत ही कम चर्चित गीत जो बहुत ही मधुर है लेकिन इसको मैने कई सालों से रेडियो पर नहीं सुना। यह गीत है फिल्म कारीगर 1958 का, इस फिल्म में निरुपारॉय और अशोक कुमार ने अभिनय किया था। आप गीत सुनने के बाद इस फिल्म का वीडियो अवश्य देंखें, जिसमें निरुपारॉय का वात्सल्य भरा भाव देखने को मिलता है।
ओ लेने वाले उस देने वाले के दाता के गीत क्यूं गाता नहीं
भूखा हमें वो जगाता मगर, कभी भूखा हमें वो सुलाता नहीं

उस दाता के गीत क्यूं गाता नहीं

ओ लेने वाले उस देने वाले दाता के गीत क्यूं गाता नहीं-२


चिन्ता करेगा वो ही जगत की जो इस जगत का नाथ है-२

हम अपने अपने करतब करें पर फल तो उसी के हाथ है
कण -कण में अपनी ज्योती जगाता फिर भी नजर जो आता नहीं

भूखा हमें वो जगाता मगर, कभी भूखा हमें वो सुलाता नहीं
उस मालिक गीत क्यूं गाता नहीं


जो कुछ भी पाए मेहनत की खाए आराम करना हराम है -२

मेहनत में चारों धाम हमारे, मेहनत में सीता राम है

ओ मन के पंछी तेरी समझ में गीता का ज्ञान क्यूं आता नहीं

भूखा हमें वो जगाता मगर, कभी भूखा हमें वो सुलाता नहीं

उस मालिक गीत क्यूं गाता नहीं

Film: Kareegar
Singer:Lata Mangeshkar
Lyrics:Rajendar Krishan
Music:Chitalkar Ramchandra
Year:1958

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