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Thursday 31 January 2013

भूखा हमें जगाता मगर कभी भूखा हमें सुलाता नहीं: सी. रामचन्द्र का एक मधुर गीत


सी रामचन्द्र और लता जी की जोड़ी ने एक से एक मधुर और सुन्दर गीत हमें दिए, पर संयोग से महफिल ब्लॉग में इस जोड़ी का अब तक एक ही गीत आ पाया है। शायद लता जी सी रामचन्द्र के अधिकतम गीतों का बेहद लोकप्रिय होना इस का सबसे बड़ा कारण रहा कि उनके कम चर्चित गीतों को खोजना बहुत मुश्किल है। लता जी और सी रामचन्द्र की जोड़ी के लिए पंकज राग अपनी पुस्तक धुनों की यात्रा में लिखते हैं।
दर असल लता के साथ सी रामचन्द्र का रिश्ता मात्र व्यवसायिक ना रहकर बेहद आत्मीय मधुर संबधों का हो गया था। सी रामचन्द्र मात्र लता की आवाज को तराशने तक ही नहीं, बल्कि भावनाओं को गीत की आत्मा में लता के स्वर में इतने मन से रचाने बसाने में सफल रहे कि उनके संगीत -निर्देशन में लता के गाए गीत आज भी मिसाल की तरह याद किए जाते हैं।
तो आज मैने खोज निकाला है लता जी और सी रामचन्द्र की जोड़ी का एक बहुत ही कम चर्चित गीत जो बहुत ही मधुर है लेकिन इसको मैने कई सालों से रेडियो पर नहीं सुना। यह गीत है फिल्म कारीगर 1958 का, इस फिल्म में निरुपारॉय और अशोक कुमार ने अभिनय किया था। आप गीत सुनने के बाद इस फिल्म का वीडियो अवश्य देंखें, जिसमें निरुपारॉय का वात्सल्य भरा भाव देखने को मिलता है।
ओ लेने वाले उस देने वाले के दाता के गीत क्यूं गाता नहीं
भूखा हमें वो जगाता मगर, कभी भूखा हमें वो सुलाता नहीं

उस दाता के गीत क्यूं गाता नहीं

ओ लेने वाले उस देने वाले दाता के गीत क्यूं गाता नहीं-२


चिन्ता करेगा वो ही जगत की जो इस जगत का नाथ है-२

हम अपने अपने करतब करें पर फल तो उसी के हाथ है
कण -कण में अपनी ज्योती जगाता फिर भी नजर जो आता नहीं

भूखा हमें वो जगाता मगर, कभी भूखा हमें वो सुलाता नहीं
उस मालिक गीत क्यूं गाता नहीं


जो कुछ भी पाए मेहनत की खाए आराम करना हराम है -२

मेहनत में चारों धाम हमारे, मेहनत में सीता राम है

ओ मन के पंछी तेरी समझ में गीता का ज्ञान क्यूं आता नहीं

भूखा हमें वो जगाता मगर, कभी भूखा हमें वो सुलाता नहीं

उस मालिक गीत क्यूं गाता नहीं

Film: Kareegar
Singer:Lata Mangeshkar
Lyrics:Rajendar Krishan
Music:Chitalkar Ramchandra
Year:1958

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