नीरज रोहिल्ला जी को आप पहचानते ही होंगे.. मोटे होने की असफल कोशिश करते हुए नीरज भाई जितने बढ़िया चिट्ठे लिखते हैं उतने ही बढ़िया इन्सान हैं। पुराने गानों के बेहद शौकीन नीरज भाई के पास हजारों गीतों का संग्रह है। अभी पिछले दिनों अनिताजी के कहने पर अनूप जलोटा के स्वर में नीरज जी ने लक्ष्मण परशुराम संवाद भी हमें सुनाया था।
अब से कुछ देर पहले नीरज भाइ ने मुझे मेल भेजी कि ये कुछ गाने महफिल पर चढ़ाईये.. मैने कहा आप खुद ही क्यों नहीं चढ़ाते और इस तरह नीरज भाई महफिल का सदस्य बनने का मेरा आग्रह ठुकरा नहीं सके और उन्होने महफिल पर गीत चढ़ाने और पोस्ट लिखने का आग्रह स्वीकार कर लिया।
आगे से नीरज भाई भी गीतों की इस महफिल में दुर्लभ और मधुर गीत ले कर आयेंगे और हमें सुनायेंगे ऐसी आशा है।
आईये नीरज रोहिल्लाजी का गीतों की महफिल में हार्दिक स्वागत करते है।
अगर आप में से भी कोई मित्र जो हिन्दी फिल्मों के बेहद पुराने और मधुर गीतों को महफिल में चढ़ाने चाहते हों या महफिल के सदस्य बनना चाहते हों तो लिखें.. हमें खुशी होगी।
sagarnahar et gmail. com
5 comments:
नीरज रोहिल्लाजी के तो हम भी फैन हैं.
मैं आशा करूँगा कि अपने प्रिय सागर भाईजी की उम्मीदों पर खरा उतर सकूँ ।
बधाई संदेश
नमस्ते , नमस्कार ,शुभ प्रभात आप सभी मित्रों को स्वामी तरुण मिश्रा की ओरसे नव संवत २०६५ ,दुर्गा पूजा और झूलेलाल जयंती की हार्दिक शुभ कामनाएं .............................
उर में उत्साह रहे हर पल , विकसित हों तीनों तन ,मन ,धन ,
स्वर्णिम प्रभात लेकर आये , जो वर्ष आ रहा है नूतन ।
पुष्पित हो और पल्लवित हो , आप का सघन जीवन उपवन ,
सस्नेह बन्धु स्वीकार करो स्नेहिल उर का अभिनन्दन
अरे वाह सागर भाई
बहुत अच्छे । मुबारक हो । नीरज से हम सबको बड़ी उम्मीद है ।
ये तो कहना भूल ही गया था कि आप लोग दोनों जब जुगलबंदी छेड़ेंगे तो आनंद आ जायेगा
Post a Comment