हिन्दी फिल्मों का रेल से नाता बहुत गहरा है, कई फिल्मों में कहानियाँ रेल में बनी है। पाकीजा फिल्म में नायक रेल में नायिका के पाँव देख कर एक कागज पर लिखता है "आपके पाँव बहुत खूबसूरत है, इन्हें जमीं पर मत उतारियेगा वरना मैले हो जायेंगे"। सोहलवा साल का नायक देवानन्द अपनी नायिका वहीदा रहमान को प्रभावित करने के लिये रेल में गाना गाता है- "है अपना दिल तो आवारा..."
अशोक कुमार का गाया "रेल गाड़ी" जैसे कई गाने तो बहुत ही प्रसिद्ध हुये। परन्तु रेल पर या रेल के लिये फिल्माये गानों में सबसे प्रसिद्ध गानों में एक है कानन देवी का गाया गाना तूफान मेल..
तो आज आप सुनिये मशहूर गायिका कानन देवी का गाया हुआ यह गाना। हिन्दी और बंग्ला दोनो ही भाषाओं में हिन्दी में। हिन्दी में यह गीत फिल्म जवाब( Jawab 1942) से है, और बंग्ला में फिल्म शेष उत्तर (Shesh Uttara 1942) से। दोनों ही फिल्म में संगीत कमल दास गुप्ता का है।
पहले सुनते हैं हिन्दी में
| 1942 Kanan Devi··... |
तूफान मेल
दुनिया ये दुनिया, तूफान मेल
इसके पहिये ज़ोर से चलते
और अपना रस्ता तय करते
स्याने इस से काम निकाले
बच्चे समझे खेल....तूफान मेल
दुनिया ये दुनिया
कोई कहीं का टिकट कटाता
एक आता है एक है जाता
सभी मुसाफ़िर बिछड़ जायेंगे
पल भर का है मेल.. तूफान मेल
जो जितनी पूँजी है रखते
उसी मुताबिक़ सफ़र वो करते
जीवन का है भेद बताती
ज्ञानी को ये रेल....तूफान
बंग्ला
3 comments:
सागर भाई एक थकानदेह दिन के बाद आपकी पोस्ट देखना और ये गीत सुनना काफी सुकूनदेह लगा ।
बहुत शुक्रिया ।
बहुत सही सागर भाई आपने भी अपना रेडियो शुरू कर दिया
आपका ब्लाग रीडर में रख कर पढा़ जा रहा है।कानन देवी का गीत पसंद आया ।
सात समंदर पार से आपको शुभेच्छा।
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