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कई बार मैं सोचता हूँ कि अगर कि कि फंला गीत को फलां गायक के बजाए फंला गायक/ गायिका ने गाया होता तो? इसी पर शोध करते हुए और युट्यूब पर सर्फिंग करते हुए मुझे कई बार कमाल की चीजें मिल जाती है। कई ऐसे गाने मिले हैं जो प्रसिद्ध हुए किसी और गायक के गाने पर लेकिन उनका दूसरा वर्जन भी बहुत सुन्दर है। आझ मैं आपको सुना रहा हूँ फिल्म दिल्लगी (Dillagi- 1949) का गीत " मैं तेरा चाँद तू मेरी चाँदनी" दो अलग-अलग गायिकाओं की आवाज में आपने यह गीत श्याम और सुरैया की आवाज़ में सुना है लेकिन आज सुनिए अभिनेत्री श्यामा पर फिल्माया हुआ दूसरा वर्जन श्याम और गीता रॉय की आवाज में। चूँकि यह गीत रिकॉर्ड में नहीं है सो बहुत कम ही सुनाई देता है।
पहला वर्जन श्याम और सुरैयादूसरा वर्जन गीता रॉय और श्याम Download Link
मेरी चाहत में तो कोई भी कमी भी नहीं थी। मैने हर पल तुम्हें ही चाहा, हर पल तुम्हें ही पूजा। फिर भी जैसे ही मौका मिला तुमने मुझे टुकरा दिया।
वह दिन मुझे आज भी याद है जब जब मेरी गोदी में सर रख कर सोते और कहते कि तुम्हारी गोद में दुनिया का सूकून है मैं इतराती अपनी ही किस्मत से इर्ष्या करती क्या सुन्दर दिन होते थे वे और रातें सुहानी फिर अचानक एक दिन शायद तुमने किसी और का दामन थाम लिया सूकून किसी और में पा लिया मेरी सुन्दर दुनियां तुमने उजाड़ी और किसी और की बसा ली मेरे सारे सपने बिखर गए मुझे लगा इस गुलाब और मेरी किस्मत में क्या फर्क है उसकी दुनियां किसी भँवरे ने बर्बाद की और मेरी भी ! रातें थी चाँदनी और जोबन पे थी बहार स्वर : हबीब वली मोहम्मद Download Link
दुनियाँ की सबसे सुरीली आवाज, लता मंगेशकर का आज तिरासीवां जन्म दिन है। लता जी पर इतने शब्द लिखे जा चुके कि और कुछ लिखना सही नहीं होगा। हमने श्रोता बिरादरी ब्लॉग पर लता उत्सव के रूप में पिछले १२ दिनों से कई सुन्दर गीत आपको सुनवाये, पर लता उत्सव मनाने के लिए १२ दिन बहुत कम हैं, अगर मैं अपनी पसन्द के लताजी के गाए गीत भी अगर रोज के एक के हिसाब से पोस्ट करूं तो उनका समापन करने में महीनों लग जायेंगे।
अब तक मैने महफिल ब्लॉग पर भी लता जी के कई दुर्लभ/ कम सुने जाने वाले गीत सुनाएं हैं। पर आज मैं एक ऐसा गीत सुनवाना चाह रहा हूं जो दुर्लभ और अनसुना नहीं है, लता जी अक्सर सुनाई देने वाले गीतों में से एक है। आइये गीत सुनते हैं।
बाँध प्रीति फूल डोर, मन लेके चित्तचोर दूर जाना ना, दूर जाना ना मन के किवाड़ खोल, मीत मेरे अनमोल भूल जाना ना, भूल जाना ना कैसे सहूँ विछोहन, मन में रमा है मोहन रूठ जाना ना, रूठ जाना ना
लता जी का फोटो पं नरेन्द्र शर्मा जी की सुपुत्री लावण्या शाह के सौजन्य से
लताजी ने हजारों गीत गाए, लेकिन आज भी कई गीत हैं जो दुर्लभ से हैं। मैने अपनी पिछली पोस्ट्स में कई बार यथा संभव कोशिश की है कि लता जी के उन दुर्लभ गीतों को महफिल में पोस्ट करूं कि जिन लोगों ने इन्हें नहीं सुना है वे भी लताजी के उन सुमधुर गीतों को सुन कर आनंदित हो सकें। इस श्रेणी में महफिल में आज कई दिनों के बाद लता जी का एक और दुर्लभ गीत। यह गीत फिल्म गजरे (Gajare 1948) का है। इस गीत को संगीतबद्ध किया है मेरे सबसे पसंदीदा संगीतकारों में से एक अनिल विश्वाjस (अनिलदा) ने। और गीत को लिखा है जी एस नेपाली यानि गोपाल सिंह नेपाली ने। गजरे फिल्म में मुख्य भूमिकाएं सुरैया और मोतीलाल ने निभाई हैं।
घर यहाँ बसाने आए थे हम घर ही छोड़ चले अपना था जिन्हें समझा हमने, वो भी दिल तोड़ चले
सोचा था सजन आएँगे आएँगे बहारे लाएँगे हम एक चमन के दो पंछी बन जाएँगे -2 संध्या की बेला द्वार पे आ कर वो मुँह मोड़ चले घर यहाँ बसाने आए थे…. जीवन में कभी इक प्यार का दीपक जलता था मिलने के लिए दिल घुल-घुल के मचलता था -2 जब साथ पतंगा छोड़ दियाऽऽऽऽऽऽ तो दिया अकेले जले घर यहाँ बसाने आए थे Download Link
आज आपके लिए मो. रफी साहब की एक दुर्लभ गैर फिल्मी गज़ल, इसे लिखा है सुदर्शन फ़ाकि़र ने और संगीतकार के बारे में जानकारी नहीं है। अगर आप इस गज़ल के संगीतकार के बारे में जानते हैं तो टिप्पणी लिख कर बताईये। मैं उसे बाद में पोस्ट में जोड़ दूंगा।
एक ही बात जमाने की किताबों में नहीं जो ग़म-ए-दोस्त में नशा है शराबों में नहीं एक ही बात हुस्न की भीख ना मांगेगे, ना ज़लवों की कभी-2 हम फ़कीरों से मिलो, खुल के, हिज़ाबों में नहीं एक ही बात
हर जगह फिरते है, आवारा खयालों की तरह-2 ये अलग बात है, हम आपके ख्वाबों में नहीं-2 एक ही बात
ना डुबो सागर-ओ-मीना में, ये गम ए "फ़ाकिर" के मकाम इनका दिलों में है, शराबों में नहीं एक ही बात जमाने की किताबों में नहीं एक ही बात
पिछली पोस्ट में दानिश साहब ने पूछा था कि क्या ये वही वली मोहम्म्द साहब हैं जिन्होने गाँव की गोरी के गीत लिखे थे? मेरी जानकारी में ये वली साहब गीतकार नहीं है। विकीपीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार वली मोहम्म्द साहब सिर्फ गायक ही थे। फिर भी यूनुस भाई शायद ज्यादा जानकारी दे सकें। इसी पोस्ट में प्रवीण जी ने दीवाना फिल्म के गीत तीर चलाते जायेंगे की फरमाईश की थी उनके लिए यह वीडियो हाजिर है।