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Thursday, 8 May, 2008

देवता तुम हो मेरा सहारा: रफी साहब के साथ भी

कुछ महीनों पहले मैने महफिल में आपसे एक प्रश्न पूछा था कि   क्या आपने मुबारक बेगम का यह गाना सुना है ? साथ ही मुबारक बेगम का गाना देवता तुम हो मेरा सहारा सुनवाया था। उस समय मेरे पास सिर्फ मुबारक बेगम का गाया हुआ हिस्सा ही था।

हैदराबाद में मेरे एक मित्र हैं रफीमूर्ति साहब! आपका नाम तो है ए. मूर्ति और बैंक ऑफ इण्डिया में ऑफिसर हैं पर रफी साहब के परम भक्त हैं। मूर्ति साहब रफी फाउंडेशन से जुड़े हैं और रफी साहब पर  ब्लॉग भी लिखते हैं,। मूर्ति साहब ने मुझे एक मेल फॉरवर्ड की जिसमें  देवता तुम हो मेरा सहारा वाला पुरा गीत था।

तो आप सबके लिये प्रस्तुत है मुबारक बेगम के साथ स्व. मोहम्मद रफी साहब का गाया दायरा (1953) फिल्म का यह यह गीत।

 

Tuesday, 18 September, 2007

सपना बन साजन आये और बीता हुआ एक सावन... वाह जमाल सेन

मुबारक बेगम के गाये दायरा फिल्म के गाने देवता तुम हो मेरा सहारे सुनने के बाद मुझे लगा कि जमाल सेन भी कमाल के संगीतकार थे पर उनका नाम रेडियो-टीवी पर इतना सुनाई क्यों नहीं देता?

मैने अन्तरजाल पर जमाल सेन के गाने ढूंढ़ने की कोशिश की तो मुझे कुछ गाने मिले, सुनने के बाद मन झूम उठा। उनमें से दो गाने आपको सुनवा रहा हूँ। पहला गाना फिल्म शोखियां SHOKHIYAN (1951) का है ।

फिल्म के मुख्य कलाकार थे, प्रेमनाथ, सुरेय्या , जीवन , कमलेश, नाजिरा शान्ता कंवर, अचला सचदेव आदि फिल्म के निर्देशक थे केदार शर्मा।

यहाँ प्रस्तुत गाने के बोल भी स्वयं केदार शर्माजी ने लिखें है। संगीत है जमाल सेन का, और गाया है लताजी ने। इस गाने की पहली दो पंक्तियाँ प्रीलूड के रूप में हैं जिसके बारे में हमें नीरज रोहिल्ला जी बता चुके हैं।

सोयी कलियाँ हँस पड़ी झुके लाज से नैन,

वीणा की झंकार से तड़पन लागे नैन

सपना बन साजन आये
हम देख देख मुस्काये
ये नैना भर आये, शरमाये-२
सपना बन साजन आये-२

बिछ गये बादल बन कर चादर-२
इन्द्रधनुष पे हमने जाकर-२
झूले खूब झुलाये-२
ये नैना भर आये, शरमाये
सपना बन साजन आये

नील गगन के सुन्दर तारे-२
चुन लिये फूल, समझ अति न्यारे -२
झोली में भर लाये -२
ये नैना भर आये, शरमाये
सपना बन साजन आये

मस्त पवन थी, हम थे अकेले-२
हिलमिल कर बरखा संग खेले-२
फूले नहीं समाये -२
ये नैना भर आये, शरमाये
सपना बन साजन आये

संभव है कि यह गाना आपको इस्निप पर सुनने में ठीक ना लगे तो आप यहाँ भी सुन सकते हैं।

01 - Lata Mangeshk...

दूसरा गाना भी जमालसेन जी ने संगीतबद्ध किया था फिल्म पहले कदम के लिये परन्तु किसी कारण से यह गाना रिलीज नहीं हो पाया। इसे भी लताजी ने ही गाया गाया है। इस गाने के शब्दों की खूबसूरती पर खास ध्यान दीजिये। शब्दों को किस खूबसूरती से पिरोया गया है जैसे- आँखों में कटी- जब भी कटी- रात हमारी।

बीता हुआ एक सावन एक याद तुम्हारी

ले देके ये दो बातें दुनिया है हमारी

बीता हुआ एक सावन

मजबूर बहुत दुर तकदीर के खेते

आराम से सोये ना कभी चैन से लेते

आँखो में कटी जब भी कटी रात हमारी

ले देके ये दो बातें....बीता हुआ सावन ...

एक बार बरसने दो बरसती है घटायें

हम रोते हैं दिन रात बता किसको बतायें

हंसती है हमें देखके तकदीर हमारी

ले देके ये दो बातें....बीता हुआ सावन ...

भरपाये मुहब्बत से, दिल टूट गया है

तू रूठा तो ले सारा जहाँ रूठ गया है,

ये जहाँ रूठ गया है

एक साथ दिये जाती है ये ठेस हमारी

ले देके ये दो बातें....बीता हुआ सावन ...

01 - Lata Mangesh...

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Monday, 27 August, 2007

क्या आपने मुबारक बेगम का यह गाना सुना है ?

आज आपको एक ऐसी गायिका की आवाज में गाना सुनवाने जा रहा हूँ जिनको हिन्दी फिल्म जगत में उतनी सफलता नहीं मिल पाई जिसकी योग्यता उनमें थी। यानि मुबारक बेगम

मुबारक बेगम राजस्थान के झुंझनु जिले के सुजानगढ़ में जन्मी थी। जहाँ के प्रख्यात संगीतकार स्व. खेमचन्द्र प्रकाश थे। मुबारक बेगम ने शास्त्रीय संगीत की तालीम उस्ताद अब्दुल करीम खान के भतीजे समर खान रियाजुद्दीन खान से ली ,जो कि किराने घराने के थे। बाद में ऑल इण्डिया रेडियो पर गाने लगी और रेडियो पर एक बार रफीक गजनवी साहब ने उन्हें सुना और उन्हें अपनी फिल्म में गाने का आमंत्रण दिया। और जब मुबारक ने गाने की कोशिश की तो घबराहट के मारे गा ही नहीं पाई। उसके बाद श्याम सुन्दर जी ने उन्हें मौका दिया पर यहाँ भी मुबारक असफल रही।

मुबारक बेगम का पहला गाना फिल्म आईये 1949 से था जिसमें उन्होने दो गाने गाये जिसमें एक था मोहे आने लगी अंगड़ाई.. और दूसरा लताजी के साथ ड्यूएट था और उसके बोल थे आओ चले चले वहाँ

और बाद में आई फिल्म दायरा 1953 जिससे मुबारक बेगम की गायकी बुलंदियाँ छूने लगी। इस फिल्म के सारे गाने मुबारक बेगम ने गाये थे। और उसी फिल्म का गाना मैं आपको यहाँ सुना रहा हूँ मुझे विश्वास है आपको यह गाना बहुत पसन्द आयेगा। संगीतकार थे जमाल सेन जो कि खुद भी राजस्थानी थे। बोल थे कैफ भोपाली। गाने में मुबारक का साथ दिया है रफी साहब ने।

फिल्म के निर्देशक थे कमाल अमरोही और इस में अभिनय किया था मीना कुमारी और नासिर खान। इस फिल्म में एक गाना और भी था सुनो मेरे नैना- सुनो मेरे नैना जो फिर कभी सुनाया जायेगा।

लीजिये सुनिये यह मधुर गाना ( या भजन)। यहाँ मैं जो आपको गाना सुना रहा हूं उसमें अंतिम दो पैरा नहीं है अगर किसी के पास हो तो कृपया बतायें या भेजें ताकि उसे भी यहाँ जोड़ा जा सके।

मुबारक बेगम के कुछ प्रसिद्ध गाने:
कभी तन्हाईयों में- हमारी याद आयेगी (स्नेहल भाटकर)
वो ना पलट के आयेंगे- देवदास ( एस डी बर्मन)
मुझको अपने गले लगालो - हमराही ( शंकर जयकिशन)
हम हाले दिल सुनायेंगे- मधुमति ( सलिल चौधरी)
नींद उड़ जाये तेरी चैन से सोने वाले - जुआरी ( कल्याणजी आनंदजी)
बे मुर्रवत बे वफा -सुशीला

फिल्म : दायरा 1953
कलाकार:मीना कुमारी, नासिर खान
गायिका -गायक: मुबारक बेगम ,मोहम्मद रफी एवं कोरस
संगीत: जमाल सेन
गीतकार: कैफ भोपाली

डाल दी मैं ने जल-थल में नय्या
जागना हो तो जागो खेवय्या
जागना हो तो जागो खेवय्या
देवता तुम हो मेरा सहारा मैं ने थामा है दामन तुम्हारा
कोरस: - देवता तुम हो मेरा सहारा मैं ने थामा है दामन तुम्हारा

थाम लो अपनी राधा को भगवान
रुक न जाये कहीं दिल की धड़कन
ये न कहने लगी कोई बिरहन
मूँह छुपाकर साँवरिया ने मारा
देवता तुम हो मेरा सहारा
कोरस: - देवता तुम हो मेरा सहारा मैं ने थामा है दामन तुम्हारा

मेरे नैनों को तुम ऐसे पाये
दो घड़ी मुझ को निंदिया न आये
मेरी आँखों से आँखों लड़ाये
डूबता है सवेरे का तारा देवता तुम हो मेर सहारा...
कोरस: - देवता तुम हो मेरा सहारा मैं ने थामा है दामन तुम्हारा
( इससे आगे का गाना यहाँ नहीं है)
मो .रफी: रैन भरी है गेहरा अँधेरा
हाथ ले लो तुम हाथों में मेरा
सो गये मंदिरों के पुजारी गूँजती है मुरलिया तुम्हारी -२
आत्मा झूमती है हमारी

मुबारक: दिल खिंचा जा रहा है हमारा
देवता तुम हो मेरा सहारा
कोरस: - देवता तुम हो मेरा सहारा मैं ने थामा है दामन तुम्हारा- २

मुबारक :छोड़ कर मैन न भगवान को जाऊँ
रात भर यूँ ही जागूँ जगाऊँ
गीत गा गा के रोऊँ रुलाऊँ
ये वचन लूँ के मैं हूँ तुम्हारा - २
मो. रफी: मैं हूँ तुम्हारा

Devata tum ho mera...


param>


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