कुछ महीनों पहले मैने महफिल में आपसे एक प्रश्न पूछा था कि क्या आपने मुबारक बेगम का यह गाना सुना है ? साथ ही मुबारक बेगम का गाना देवता तुम हो मेरा सहारा सुनवाया था। उस समय मेरे पास सिर्फ मुबारक बेगम का गाया हुआ हिस्सा ही था।
हैदराबाद में मेरे एक मित्र हैं रफीमूर्ति साहब! आपका नाम तो है ए. मूर्ति और बैंक ऑफ इण्डिया में ऑफिसर हैं पर रफी साहब के परम भक्त हैं। मूर्ति साहब रफी फाउंडेशन से जुड़े हैं और रफी साहब पर ब्लॉग भी लिखते हैं,। मूर्ति साहब ने मुझे एक मेल फॉरवर्ड की जिसमें देवता तुम हो मेरा सहारा वाला पुरा गीत था।
तो आप सबके लिये प्रस्तुत है मुबारक बेगम के साथ स्व. मोहम्मद रफी साहब का गाया दायरा (1953) फिल्म का यह यह गीत।
आज आपको एक ऐसी गायिका की आवाज में गाना सुनवाने जा रहा हूँ जिनको हिन्दी फिल्म जगत में उतनी सफलता नहीं मिल पाई जिसकी योग्यता उनमें थी। यानि मुबारक बेगम।
मुबारक बेगम राजस्थान के झुंझनु जिले के सुजानगढ़ में जन्मी थी। जहाँ के प्रख्यात संगीतकार स्व. खेमचन्द्र प्रकाश थे। मुबारक बेगम ने शास्त्रीय संगीत की तालीम उस्ताद अब्दुल करीम खान के भतीजे समर खान रियाजुद्दीन खान से ली ,जो कि किराने घराने के थे। बाद में ऑल इण्डिया रेडियो पर गाने लगी और रेडियो पर एक बार रफीक गजनवी साहब ने उन्हें सुना और उन्हें अपनी फिल्म में गाने का आमंत्रण दिया। और जब मुबारक ने गाने की कोशिश की तो घबराहट के मारे गा ही नहीं पाई। उसके बाद श्याम सुन्दर जी ने उन्हें मौका दिया पर यहाँ भी मुबारक असफल रही।
मुबारक बेगम का पहला गाना फिल्म आईये 1949 से था जिसमें उन्होने दो गाने गाये जिसमें एक था मोहे आने लगी अंगड़ाई.. और दूसरा लताजी के साथ ड्यूएट था और उसके बोल थे आओ चले चले वहाँ।
और बाद में आई फिल्म दायरा 1953 जिससे मुबारक बेगम की गायकी बुलंदियाँ छूने लगी। इस फिल्म के सारे गाने मुबारक बेगम ने गाये थे। और उसी फिल्म का गाना मैं आपको यहाँ सुना रहा हूँ मुझे विश्वास है आपको यह गाना बहुत पसन्द आयेगा। संगीतकार थे जमाल सेन जो कि खुद भी राजस्थानी थे। बोल थे कैफ भोपाली। गाने में मुबारक का साथ दिया है रफी साहब ने।
फिल्म के निर्देशक थे कमाल अमरोही और इस में अभिनय किया था मीना कुमारी और नासिर खान। इस फिल्म में एक गाना और भी था सुनो मेरे नैना- सुनो मेरे नैना जो फिर कभी सुनाया जायेगा।
लीजिये सुनिये यह मधुर गाना ( या भजन)। यहाँ मैं जो आपको गाना सुना रहा हूं उसमें अंतिम दो पैरा नहीं है अगर किसी के पास हो तो कृपया बतायें या भेजें ताकि उसे भी यहाँ जोड़ा जा सके।
मुबारक बेगम के कुछ प्रसिद्ध गाने: कभी तन्हाईयों में- हमारी याद आयेगी (स्नेहल भाटकर) वो ना पलट के आयेंगे- देवदास ( एस डी बर्मन) मुझको अपने गले लगालो - हमराही ( शंकर जयकिशन) हम हाले दिल सुनायेंगे- मधुमति ( सलिल चौधरी) नींद उड़ जाये तेरी चैन से सोने वाले - जुआरी ( कल्याणजी आनंदजी) बे मुर्रवत बे वफा -सुशीला
फिल्म : दायरा 1953 कलाकार:मीना कुमारी, नासिर खान गायिका -गायक: मुबारक बेगम ,मोहम्मद रफी एवं कोरस संगीत: जमाल सेन गीतकार: कैफ भोपाली
डाल दी मैं ने जल-थल में नय्या जागना हो तो जागो खेवय्या जागना हो तो जागो खेवय्या देवता तुम हो मेरा सहारा मैं ने थामा है दामन तुम्हारा कोरस: - देवता तुम हो मेरा सहारा मैं ने थामा है दामन तुम्हारा
थाम लो अपनी राधा को भगवान रुक न जाये कहीं दिल की धड़कन ये न कहने लगी कोई बिरहन मूँह छुपाकर साँवरिया ने मारा देवता तुम हो मेरा सहारा कोरस: - देवता तुम हो मेरा सहारा मैं ने थामा है दामन तुम्हारा
मेरे नैनों को तुम ऐसे पाये दो घड़ी मुझ को निंदिया न आये मेरी आँखों से आँखों लड़ाये डूबता है सवेरे का तारा देवता तुम हो मेर सहारा... कोरस: - देवता तुम हो मेरा सहारा मैं ने थामा है दामन तुम्हारा ( इससे आगे का गाना यहाँ नहीं है) मो .रफी: रैन भरी है गेहरा अँधेरा हाथ ले लो तुम हाथों में मेरा सो गये मंदिरों के पुजारी गूँजती है मुरलिया तुम्हारी -२ आत्मा झूमती है हमारी
मुबारक: दिल खिंचा जा रहा है हमारा देवता तुम हो मेरा सहारा कोरस: - देवता तुम हो मेरा सहारा मैं ने थामा है दामन तुम्हारा- २
मुबारक :छोड़ कर मैन न भगवान को जाऊँ रात भर यूँ ही जागूँ जगाऊँ गीत गा गा के रोऊँ रुलाऊँ ये वचन लूँ के मैं हूँ तुम्हारा - २ मो. रफी: मैं हूँ तुम्हारा