tag:blogger.com,1999:blog-1759328551597368568.post471640094983246220..comments2008-04-11T11:56:20.457+05:30Comments on गीतों की महफिल: तेरी आँखों को जब देखा, कँवल कहने को जी चाहासागर नाहरhttp://www.blogger.com/profile/16373337058059710391noreply@blogger.comBlogger8125tag:blogger.com,1999:blog-1759328551597368568.post-33656362063244643102008-04-11T11:56:00.000+05:302008-04-11T11:56:00.000+05:30आज शुक्रवार छुट्टी का दिन है और गीतों की महफिल में...आज शुक्रवार छुट्टी का दिन है और गीतों की महफिल में बैठे हैं. जितने भी सुन पाए सुनेगें आज.. इक मस्ती का आलम छा गया ...बहुत बहुत शुक्रिया ...मीनाक्षीhttp://www.blogger.com/profile/06278779055250811255noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-1759328551597368568.post-52025052691493352242008-02-28T20:28:00.000+05:302008-02-28T20:28:00.000+05:30:P :D :$ ;) :) :(:P :D :$ ;) :) :(सागर नाहरhttp://www.blogger.com/profile/16373337058059710391noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-1759328551597368568.post-23793449650552403292008-02-27T11:04:00.000+05:302008-02-27T11:04:00.000+05:30@UVRआज तक हम सब हसन साहब का पूरा नाम मेहंदी हसन ही...@UVR<BR/>आज तक हम सब हसन साहब का पूरा नाम मेहंदी हसन ही सुनते पढ़ते आये हैं। आज आपने बताया तो मुझे एक बार आश्चर्य भी हुआ कि ऐसा कैसे हुआ? <BR/>उसके बाद मैं आपके ब्लॉग पर पहुंचा और आपकी लिखी गज़लें देखी और मेरा संशय दूर हो गया। आपने गज़ल के एक एक शब्द को बहुत ध्यान से उनके सही उच्चारण, अनुस्वार और नुक्ता के साथ लिखा है, आपसे गलती नहीं हो सकती। <BR/>मैने आपकी सलाह के अनुसार पोस्ट में से हसन साहब के नाम को सुधार दिया है।<BR/>सही जानकारी देने के लिये बहुत बहुत धन्यवाद।सागर नाहरhttp://www.blogger.com/profile/16373337058059710391noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-1759328551597368568.post-18251847588989659052008-02-26T23:23:00.000+05:302008-02-26T23:23:00.000+05:30मोह्तरम, आप का ब्लॉग बड़ा ही दिलचस्प है! एक छोटी स...मोह्तरम, आप का ब्लॉग बड़ा ही दिलचस्प है! एक छोटी सी टिप्पणी -- जिस कलाकार का ज़िक्र आपने इस "पोस्ट" में किया है, उनका नाम "मेहंदी" हसन नहीं, बल्कि "मेहदी" हसन लिखना चाहिए. यानि नाम में अनुस्वार नहीं होना चाहिए. तस्दीक़ कर लें तो बड़ी महरबानी होगी. धन्यवाद.UVRhttp://partav-e-khur-hindi.blogspot.com/noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-1759328551597368568.post-59527963423686663122008-02-16T23:22:00.000+05:302008-02-16T23:22:00.000+05:30सुनवाने के लिए धन्यवाद ।घुघूती बासूतीसुनवाने के लिए धन्यवाद ।<BR/><BR/>घुघूती बासूतीMired Miragehttp://www.blogger.com/profile/06098260346298529829noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-1759328551597368568.post-79913943136403232122008-02-16T19:45:00.000+05:302008-02-16T19:45:00.000+05:30कमाल. कमाल. मन प्रसन्न हो गया. बहुत दिनों से नही...कमाल. कमाल. मन प्रसन्न हो गया. बहुत दिनों से नहीं सुना था ये गीत. शुक्रिया सुनवाने का. <BR/>और यूनुस भाई की list देख कर याद आया. मेहदी हसन का एक गीत मैं सदियों से ढूंढ रहा हूँ. किन्ही सज्जन के पास हो तो कृपा करें. पक्के तौर पर तो नहीं कह सकता, लेकिन न जाने मुझे क्यों ऐसा लगता है कि ये गीत किसी फ़िल्म का है. मुखड़ा कुछ यूँ है : "ऐ रोशनियों के शहर बता ... उजियारों में अंधियारों का ये किस ने भरा है ज़हर बता ...... " <BR/>सागर भाई, ये गीत अगर आप के पास हो, या किसी और के पास हो ये गीत तो सुनवाने के कष्ट करें. आभारी रहूँगा.मीतhttp://www.blogger.com/profile/06968972033134794094noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-1759328551597368568.post-39481228523481952902008-02-16T16:29:00.000+05:302008-02-16T16:29:00.000+05:30मेरी पसंदीदा ग़ज़ल । अभी कुछ दिन पहले मेंहदी हसन क...मेरी पसंदीदा ग़ज़ल । अभी कुछ दिन पहले मेंहदी हसन की कुछ पुरानी चीजें एक सीडी पर हासिल की हैं जरा सूची देखिए और अश अश कीजिए । <BR/>1. तेरी आंखों को जब देखा <BR/>2. अच्छी बात कहो <BR/>3. एक खिला हुआ गुलाब<BR/><BR/>4. दुनिया मेरी जिंदगी <BR/>5. कभी मेरी मुहब्बत कम ना होगी <BR/>6. जिंदा रहें तो किस की <BR/>7. एक दूजे में खो जाएं <BR/>8. ये तेरा आना <BR/>9. मेरे हमदम तुझे <BR/>10. तुझे प्यार करते करते मेरी उम्र बीत जाए <BR/>11. भीगी हुई आंखों का काजल <BR/>12. एक झलक दिखलादे <BR/>13. तू मेरे प्यार का गीत है <BR/>14. दुनिया से तुझको <BR/>15. भीगी भीगी रातों में यूं ही बातों बातों में <BR/>16. क्यों पूछते हो <BR/>17. एक सितम और भी <BR/>18. मैं सोचता हूं <BR/>19. दुनिया किसी के <BR/>20. मेरे दिल के अरमान <BR/>21. कोई हद नहीं है । <BR/>बाप रे थक गया । कुल पैंतालीस गजलें और गीत हैं । कैसी रही सागर भाईyunushttp://www.blogger.com/profile/12193351231431541587noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-1759328551597368568.post-23978623437358209912008-02-16T16:01:00.000+05:302008-02-16T16:01:00.000+05:30गज़ल के लिये शुक्रिया........ पसन्द आयी।गज़ल के लिये शुक्रिया........ पसन्द आयी।anuradha srivastavhttp://www.blogger.com/profile/15152294502770313523noreply@blogger.com